Rani Madan Amar
अभी नहा धोकर नाश्ता करते हुए कुछ लिखने का मूड बना ही रहा था कि पत्नी की आवाज़ आई, "जल्दी से नाश्ता कर लो, फिर थोड़ा बाजार भी चलना है।"
" ये थोड़ा बाजार क्या होता है, कहाँ होता है, हमने ना तो सुना है ना ही देखा है," मैंने चुटकी लेनी चाही।
"ये कहाँ होता है, कैसा होता है, कब लगता है, कहाँ लगता है, ये जब मेरे साथ घर से बाहर निकलोगे तो सब पता चल जाएगा।" पत्नी की आवाज़ रसोई से आई।
अभी नहा धोकर नाश्ता करते हुए कुछ लिखने का मूड बना ही रहा था कि पत्नी की आवाज़ आई, "जल्दी से नाश्ता कर लो, फिर थोड़ा बाजार भी चलना है।"
" ये थोड़ा बाजार क्या होता है, कहाँ होता है, हमने ना तो सुना है ना ही देखा है," मैंने चुटकी लेनी चाही।
"ये कहाँ होता है, कैसा होता है, कब लगता है, कहाँ लगता है, ये जब मेरे साथ घर से बाहर निकलोगे तो सब पता चल जाएगा।" पत्नी की आवाज़ रसोई से आई।