भूख कैसी कैसी
भूख ! भूख योँ तो कई तरह की होती है जैसे शारीरिक भूख, मानसिक भूख इत्यादि, लेकिन इन सबसे बड़ी भूख होती है पेट की भूख! यह भूख ऐसी होती है, जो इंसान को सच्चाई के रास्ते से हटा कर बड़े से बड़ा अपराध करने को मजबूर कर देती है. यह भूख हमारे इस दुनिया में कदम रखते ही शुरू हो जाती है और तब तक रहती है जब तक हम इस दुनिया से कूच नहीं कर जाते। इस भूख की सबसे मजेदार बात है कि यह समय-समय पर अपना रूप भी बदलती रहती है जैसे दुनिया में कदम रखते ही इस भूख को शांत करने के लिए माँ के दूध की आवश्यकता होती है तो बुढ़ापे में जब दांत नहीं होते तब दूध-दलिया रोटी की जगह ले लेते हैं क्योंकि तब भी मुँह में दांत नहीं होते।
भूख ! भूख योँ तो कई तरह की होती है जैसे शारीरिक भूख, मानसिक भूख इत्यादि, लेकिन इन सबसे बड़ी भूख होती है पेट की भूख! यह भूख ऐसी होती है, जो इंसान को सच्चाई के रास्ते से हटा कर बड़े से बड़ा अपराध करने को मजबूर कर देती है. यह भूख हमारे इस दुनिया में कदम रखते ही शुरू हो जाती है और तब तक रहती है जब तक हम इस दुनिया से कूच नहीं कर जाते। इस भूख की सबसे मजेदार बात है कि यह समय-समय पर अपना रूप भी बदलती रहती है जैसे दुनिया में कदम रखते ही इस भूख को शांत करने के लिए माँ के दूध की आवश्यकता होती है तो बुढ़ापे में जब दांत नहीं होते तब दूध-दलिया रोटी की जगह ले लेते हैं क्योंकि तब भी मुँह में दांत नहीं होते।