रविवार, 23 अगस्त 2015

भूख कैसी कैसी

                                                                    भूख कैसी कैसी                                                  

भूख ! भूख  योँ  तो कई तरह की होती है जैसे शारीरिक भूख, मानसिक भूख इत्यादि, लेकिन इन सबसे बड़ी भूख होती है पेट की भूख! यह भूख ऐसी होती है, जो इंसान को सच्चाई के रास्ते से हटा कर बड़े से बड़ा अपराध करने को मजबूर कर देती है. यह भूख हमारे इस दुनिया में कदम रखते ही शुरू हो जाती है और तब तक रहती है जब तक हम इस दुनिया से कूच नहीं कर जाते। इस भूख की सबसे मजेदार बात है कि यह समय-समय पर अपना रूप भी बदलती रहती है जैसे दुनिया में कदम रखते ही इस भूख को शांत करने के लिए माँ के दूध की आवश्यकता होती है तो बुढ़ापे में जब दांत नहीं होते तब दूध-दलिया रोटी की जगह ले लेते हैं क्योंकि तब भी मुँह में दांत नहीं होते।

मंगलवार, 11 अगस्त 2015

जाएं तो जाएं कहाँ

                                                               जाएं तो जाएं कहाँ 

आज की दुनिया में चारों तरफ भागमभाग मची हुई है। जिसे देखो, वही पैसा कमाने के लिए रात - दिन एक किये हुए है। स्वयं तो पैसा कमा ही रहे हैं, साथ ही यह भी चाहते हैं कि उनकी पत्नी भी उनके परिवार के लिए पैसा कमाए। इसीलिए आज के ज्यादातर युवक कामकाजी लड़की को अपनी जीवन संगिनी बनाना पसंद करते हैं।