* छोटा हूँ तो क्या हुआ , जैसे आंसू एक ,
सागर जैसा स्वाद है , तू चख कर तो देख ।।
* देख तेरे शहर को , भीड़, भीड़ ही भीड़ ,
तिनके ही तिनके मिले, मिला ना कोई नीड़ ।।
सागर जैसा स्वाद है , तू चख कर तो देख ।।
* देख तेरे शहर को , भीड़, भीड़ ही भीड़ ,
तिनके ही तिनके मिले, मिला ना कोई नीड़ ।।
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